जयनगर शहर का एक मात्र पोखर अतिक्रमण का है शिकार

by darpanjaynagar
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जयनगर जयनगर शहर का एक मात्र पोखर अपनी बदहाली पर आशू बहा रहा है जिसकी उदासीनता के कारण शहर का धरोहर अपनी पहचान खोता जा रहा है पूरे शहर का मटकोर सहित सभी मांगलिक कार्य के लिये प्रसिद्ध पोखर को देखने वाला कोई नही है आसपास के मकानों के नाला का पानी के बहाव एवं कभी साफ सफाई न होने के कारण दिनों दिन पोखर का पानी अब बदबू देंने लगा वही पोखर के पानी मे कूड़ा कचरा का अम्बार लगा है जो दिनों दिन बढ़ता जा रहा है शहर का ऎतिहासिक एवं धार्मिक धरोहर खुद अपनी पहचान खोता जा रहा है जिसे देखने वाला कोई नही है न कोई समाजिक संस्था न ही कोई नगर पंचायत न ही स्थानीय प्रशासन का ध्यान न होने के कारण आम लोगो सभी मटकोर सहित मांगलिक कार्य दूषित जल के पोखर मे मजबूरी मे करना पड़ रहता यदि रात में कोई मटकोर मैं लाइट की सुबिधा न रही तो पोखर के किनारे सुनसान अंधेरा रहता है वही दूसरी और पोखर के घाट की मरमत न होने के कारण काफी कठनाइयों का सामना करना पड़ता है इस संबंध में नगर पंचायत के अध्यक्ष कैलाश पासवान ने बताया कि प्रथम प्राथमिकता के आधार पर शहर के ऎतिहासिक पोखर की सफाई एव लाइट की व्यवस्था की जायेगी जिससे शादी विवाह के मटकोर कार्यक्रम में कोई दिक्कत नही होगी बरहाल जो भी शहर के एक मात्र पोखर को सौंदर्यीकरण योजना के तहत बिकास कर बोटिंग सुबिधा बधाई जाय तो शहर का काया कल्प हो जायेगा एवं पोखर का अस्तित्व भी बच सकता है जररूत है इस और ध्यान देने की।

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Author: darpanjaynagar

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